Desh Bhaktike Geet

घड़ा कैसा बने?-इसकी एक प्रक्रिया है। कुम्हार मिटटी घोलता, घोटता, घढता व सुखा कर पकाता है। शिशु, युवा, बाल, किशोर व तरुण को संस्कार की प्रक्रिया युवा होते होते पक जाती है। राष्ट्र के आधारस्तम्भ, सधे हाथों, उचित सांचे में ढलने से युवा समाज व राष्ट्र का संबल बनेगा: यही हमारा ध्येय है। "अंधेरों के जंगल में, दिया मैंने जलाया है। इक दिया, तुम भी जलादो; अँधेरे मिट ही जायेंगे।।" (निस्संकोच ब्लॉग पर टिप्पणी/अनुसरण/निशुल्क सदस्यता व yugdarpan पर इमेल/चैट करें, संपर्कसूत्र- तिलक संपादक युगदर्पण
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Thursday, February 25, 2016

कौन राष्ट्र द्रोही, कौन राष्ट्र भक्त ?

कौन राष्ट्र द्रोही, कौन राष्ट्र भक्त ? 
ज.ला.ने. विवि में जहाँ भारत की बर्बादी तक संघर्ष, पाकिस्तान जिन्दाबाद जैसे नारे लगे, अफज़ल, मकबूल भट्ट जिनके नायक है उनके समर्थन में गए, वामपंथियों के अतिरिक्त राहुल गाँधी व आनन्द शर्मा तथा उनसे देश के 1 अरब लोगों को उनके समर्थन का आश्वासन दिया। क्या राहुल को लगता है, पूरा देश ऐसे विचारों का समर्थक है? अर्थात पूरे देश द्वारा सत्ताच्युत होने से कुण्ठित राहुल ने पूरे समाज को राष्ट्र द्रोह की गाली दी। 
ध्यान से देखिये इस वीडिओ को, जिसकी कठोर शब्दों में न केवल निन्दा की जानी चाहिए, अपितु भरपूर विरोध करने में भी, युगदर्पण तथा युदमीस (YDMS) उन सब का आवाहन करता है, जो राहुल के अनुसार इन राष्ट्रद्रोहियों से जुड़े लोगों से स्वयं को अलग मानते हैं। 
This video confirms who is nationalist and who in antiNational. 
JNU where slogans of Pakistan zindabad, and fight to ruin the Nation by supporters of afzal and maqbool bhatt were favourites, and after action on them Left along with Rahul Gandhi and Anand Sharma went to show thier solidarity. Frustrated leader of cong attached 1 billion people, of this country. As these people thown him out of power, With this he abused all of us, to be on that side with antiNationals. We not only condemn his statement but also refute with fullest voice. Also in the court of Law. 
"अंधेरों के जंगल में, दिया मैंने जलाया है | इक दिया, तुम भी जलादो; अँधेरे मिट ही जायेंगे ||"- तिलक